यूँ सुबह इन लबों पे नाम तेरा आ गया ,
जैसे मीठी इस भोर में कोहरा हो छा रहा ,
कितना हसीं है ये मंजर ,है चाँद जो छुप रहा ,
जाते जाते यह चाँद याद तेरी दिला रहा .
बड़े बदनाम है हम हो गए तेरे नाम को किताब पे उतार कर , और तुम हो कि आज भी मुह फेर के बैठे हो ,
Friday, January 16, 2009
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that's nice man
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