Saturday, February 14, 2015

है शुक्रिया जो हाथ मेरा थाम लिया... Happy Valentine's Day
















मेरी चाहत जो तूने तेरा नाम  दिया....
झुकी पलकों ने दिल को जो सलाम किया....
कई बरसों से था जो मैं दरबदर… 
है शुक्रिया जो हाथ मेरा थाम लिया...

बस कुछ दिनों की ही बात है...
तेरी मांग में यूँ नाम अपना  लिख देंगे हम... 
तेरे हांथों की मेहँदी में...
एक साथ जीवन रच देंगे हम... 

है सुकून मिल जाए जी भर का ...
तेरी आहटों ने है ऐसा काम किया... 
है शुक्रिया जो हाथ मेरा थाम लिया...

शशि 'दिल से ...

Tuesday, February 10, 2015

Happy Teddy Day !!! तेरी यादों का खिलौना ...


तेरी यादों का खिलौना,दिल से लगाये बैठे हैं...
कभी मन को तो,कभी दिल को समझाए बैठे हैं...
ये जो आईना है तेरी तस्वीर दिखाता झूठी मूठी सी...
बंद आँखों में हम,उस अक़्स को समाये बैठे हैं...

एक खिलौना दिल है मेरा ... मन करे तो थोडा खेल लो इस से...
एक खिलौना ये आँखें मेरी ...जो मन करे तुम देख लो इन ने...
एक नुमाइश मेरा इश्क़ है...बड़ी बाज़ार है खिलौनों की इनमें...
दो मुस्कराहट अपनी रखो...जो मन करे तुम खेल लो इन में...

मिन्नतें क़ुबूल हो जाए खिलौनों की..ये आस लगाये बैठे हैं...
तेरी यादों का खिलौना,दिल से लगाये बैठे हैं...
कभी मन को तो,कभी दिल को समझाए बैठे हैं...

शशि'दिल से...

Monday, February 9, 2015

Happy Chocolate Day !!!

यूँ दिल दबा के बैठे हो....कि आओ कुछ मीठा हो जाए...
क्यों ग़म बसा के बैठे हो..कि आओ कुछ मीठा हो जाए...
तेरी मुस्कुराहटें है अब खोजते हम,कुछ पुरानी सी तस्वीरों में...
कि जब साथ थे तो कैसे देखा था,एक ख़्वाब हाथों की लकीरों में...
चाँद से मुखड़े को क्यों झुका के बैठे हो...कि आओ कुछ मीठा हो जाए..
याद है वो एक chocolate ही थी,जो तुझे मेरे साथ लेके आई थी...
वो एक chocolate थी जो रिश्तों में मीठास लेके आई थी...
प्यारे से इन होंठों पे बुझी शाम लेके जो बैठे हो..कि आओ कुछ मीठा हो जाए...
कि मेरी जान आओ...कुछ मीठा हो जाए..
Happy Chocolate Day

Saturday, November 29, 2014

कुछ अजीब सी कशमकश...

कुछ अजीब सी कश्मक़श है,शायरी पढ़ने के बाद...
इनकी वाह पे हँस लूँ...कि मेरी आह पे रो लूँ ...

नज़्म कहके बेच ना दें ...

बंद कर लूंगा अपने जज़्बातों को, गुमनाम पन्नों के साये में...
कि डर लगता है लोगों से ....मेरी कहानी को नज़्म कहके बेच ना दें ये

हम वो किताब है ..

पढ़ पाना मुझको को तो ,बता देना मुझको भी...
कि हम वो किताब है,जिसकी स्याही जरा धुंधली है...