Friday, December 23, 2011

कुछ हंसी सा ख्व़ाब...

कुछ हंसी सा ख्व़ाब मेरे तकिये तले सोया था कल...

कि  नींद कभी इतनी खूबसूरत पहले लगी थी हम को ...

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