Friday, November 19, 2010

कागज से कौन सा रिश्ता....



यूँ अकेला मैं ,अनजान सा ,कलम लिए ,तेरे चेहरे की लकीरें हूँ खींचता ,
जब लकीरों ने मेरे हाथ की है दुश्मनी निभाई ,तो कागज से कौन सा रिश्ता ,


शशि ' दिल से.....

4 comments:

  1. बेहतरीन ..... कम शब्दों में खूब लिखा है...

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  2. Hi,
    I M Krishna ( Shyam )
    U r Excellent Poet
    Nice Poem This

    7/12/2010 12:26

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