Friday, April 13, 2012

मेरी ख़ामोश रातों में तू नहीं

मेरी ख़ामोश रातों में तू नहीं है साथ तो,कुछ गम नहीं,
तकलीफ तो ये है कि ,तेरे बिस्तर के तकिये पे, आंशुओ कि नमी सी है ....
शशि ' दिल से

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