Wednesday, February 25, 2009

ओ प्रिया ...

तुझे छूने को दिल करे ,तुझे पाने को दिल करे ,जो बात मेरे दिल में छिपी है ,वोह बताने को दिल करे ,ओ प्रिया ...ओ प्रिया ...
ये शब् नशीली ,ये शाम महकी ,तेरे ख्यालों से है ,तेरे लबों पे एक गीत लिख दूँ ,मेरे सवालों में है ,
तेरे हर एक नश्क़ को ,दुल्हन बनने का दिल करे ,जो बात मेरे दिल में छुपी है ,वो बताने का दिल करे ,ओ प्रिया ...ओ प्रिया ...
मैं सोचता हूँ वो कल हमारा ,जब साए करीब थे ,हम तुम में खोये ,तुम हम में खोये , नूर -ऐ -हशीन में ,
उस नूर के लाल से ,मांग सजाने का दिल करे ,जो बात मेंरे दिल में छुपी है ,वो बताने का दिल करे ,
ओ प्रिया ...ओ प्रिया ...

शशि दिल से .....

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