अब अगर छोड़ के जा रहे ही हम को, तो सुन लो ए हिना...
यह दिल भी, तुम्हारी विदाई के दिन ,कुछ गीत प्यार के गा रहा होगा ...
बस फर्क कुछ इतना सा होगा ,मेरी साज़ में उस दिन ए हिना...
कि कहीं फूल डोली का तो, कही फूल जनाज़े का गा रहा होगा...
बड़े बदनाम है हम हो गए तेरे नाम को किताब पे उतार कर , और तुम हो कि आज भी मुह फेर के बैठे हो ,
वो कहते हैं कि कैसे लिख लेते हो तुम बातें दिल की इन पन्नो पे.... मैं कह देता हूँ कि बस जी लेता हूं मैं बातें दिल की इन पन्...
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